नमस्ते दोस्तो कैसे हो आज मै आपके लिये एक नयी सच्ची घटना लेकर आया हू  ये कहाणी बसस्टॉप घटी हुई है| वो लाडका जिसके साथ ये घटना घटी है उसकी आपबिती जाहीर करणे की मैने पुरी कोशिश की है आशा है आपको पसंद आयेगी तो चलिये कहाणी की ओर बढते है |

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Real horror story in Hindi


Horror Story For Reading

        यह बात तब की जब मैं 17 साल का था| मैं हफ्ते में तीन से चार बार जिम जाता था और जिम जानेआने के लिये  बस की सवारी करता था। ऐसेही एक रविवार के दिन मै जिम से वापस घर आने के लिये निकला था| पर बसस्टॉप पर ५ मिनिट देर होने के कारण मेरी बस छूट गई थी, इसलिए मुझे दूसरी बस का इंतज़ार करना पड़ा। मैंने अपने माता-पिता को फोन किया होता, लेकिन वे शाम को किसी काम से बाहर गये थे| और टैक्सी अधिक चार्ज करती थी, इसलिए मैंने बस शेल्टर में बैठकर इंतजार करने का फैसला किया। सर्द रात थी और ज़मीन पर बर्फ़ जमने लगी थी। मेरी बस में सामान्य से अधिक समय लग रहा था इसलिए मैंने अपना फ़ोन निकाला और कुछ संगीत सुना। 


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        लगभग एक घंटा बीत चुका था|. ठंड थी और मैंने आसपास किसी को बिल्कुल भी नहीं देखा था। तभी मेरी एक साईड पडी मैने देखा की एक खौफनाक आदमी था, जो कपड़ों की मोटी परतें पहने हुए था, धीरे-धीरे मेरी ओर चल रहा था। मुझे पता था कि उसे घूरने से अधिक ध्यान आकर्षित होगा, इसलिए मैंने सिर्फ अपने फोन पर ध्यान केंद्रित किया। वह बसस्टॉप के दूसरे छोर पर बैठ गया और बस मुझे देख रहा था। मुझे उसके बारे में कुछ गड़बड़ लग रही थी कि शायद वह या तो दारू पी के है या तो ड्रग्स लेकर है। फिर उन्होंने मुझे पूछा - "बस कब आने वाली है?" मैंने अपने ईयरफोन निकाले और कहा - "मुझे लगता है कि बर्फ की वजह से देरी हो रही है"। वह कुछ देर मुझे देखता रहा और फिर खुद ही बुदबुदाने लगा। वह वास्तव में मुझे घुरना शुरू कर रहा था, इसलिए मैंने अपने फोन पर होने का नाटक किया। कुछ मिनटों के बाद, मैंने एक और नज़र डाली; वह मेरे करीब चला आया| मैंने एक सेकंड के लिए दूर देखा और उसके और भी करीब खिसकने की आवाज़ सुनी। मैं उसकी ओर मुड़ा और कहा - "तुम वहाँ ठीक हो?" उसने मुझे चमकदार आँखों से देखा, अपना हाथ उठाया और मेरी ओर झुक गया। मैंने तुरंत, अपना बैग पकड़ा और मेरा बैग जमीन पर गिरते ही भाग गया। मैं पीछे मुड़कर न देखने की पूरी कोशिश कर रहा था। मैं तब तक चलता रहा जब तक मैं अगले बस स्टॉप पर नहीं पहुँच गया। मैं मुड़कर देखने लगा कि क्या वह वहां है वह चला गया था, इसलिए मैं फिरसे बसस्टॉप पर बैठने चला गया। राहत महसूस करते हुए मैंने बसस्टॉप पर लागे  शीशे को अपना सिर टिका दिया और बस का इंतजार करने लगा। मुझे आवाज आयी नॉक नॉक मैंने झटका दिया, और मैने देखा की वही आदमी मुझे शीशे के माध्यम से घूर राहा था मै देखने के लिए मुड़ा। और मैने उससे कहा "आख़िर तुम्हारे साथ समस्या क्या है"? फिर वह मेरी ओर देखते हुये बसस्टॉप के चारों ओर घूमने लगा। मैने उसे कहा "मैं आपको चेतावनी दे रहा हूँ! रुको। वापस।" जब मैं पीछे हट रहा था तो मैं दहशत में चिल्लाया मैं दौड़ना चाहता था, लेकिन मेरा बैग बसस्टॉप में था उसके वजाहसे मै बिना बैग के नहीं जा सका। अचानक, उस आदमी ने मुझ पर छलांग लगा दी और मैं जल्दी से दूर हट गया। वह पहले जमीन पर गिरे। मैं सदमे में चला गया फिर देखा कि उसके चेहरे से खून आ रहा है। मैंने उनसे प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की लेकिन कुछ भी काम नहीं आया। मैंने पुलिस और पैरामेडिक्स को फोन किया और वे कुछ ही देर में वे आ गए। मैंने उन्हें बताया कि क्या हुआ था, और उन्होंने मुझे बताया कि वह व्यक्ति दिमाकी मरीज है था| पुलिस ने मुझे उसके बटवे मे की एक लडके की तस्वीर दिखाई । लड़का बिल्कुल मेरे जैसा दिखता था इसलिए हमने मान लिया कि उसे लगा कि मैं वही हूँ। मुझे बाद में पता चला कि उसने अपने बेटे को रोड दुर्घटना मे खो दिया था। उसे इलाज के लिए ले जाया गया और मैंने उसे आखिरी बार देखा। कुछ दिन बाद मुझे अपना ड्राइविंग लायसन मिल गया तबसे मै बस से कभी भी आना जाना नाही करता हू | 


ये कहाणी आपको कैसे लगी मुझे comment करके जरूर बताये ओर ऐसे ही Real Horror Stories Hindi मे पढने के लिये हमारे ब्लॉग को subscribe करना ना भूलीये मै हमेशा आपके लिये ऐसे ही नयी नयी कहानिया लाता ही रहता हू | तो चलिये मिलते ऐसेही ओर एक कहाणी मे !! तब तक के लिये मुझे इजाजत दिजीये बाय बाय...